रिपोर्ट - पंकज गुप्ता
सूरापुर / सुल्तानपुर। भवानीपुर पुरानी बाजार स्थित श्री हनुमत रामलीला समिति द्वारा आयोजित चल रही रामलीला में बुधवार की रात भक्तिरस और पराक्रम से ओतप्रोत प्रसंगों का मंचन हुआ। शबरी मिलन, राम–सुग्रीव मिलन, बाली वध और लंका दहन जैसे प्रभावशाली दृश्यों ने दर्शकों को भक्ति और उत्साह की भावना से भर दिया। लीला की शुरुआत शबरी माता द्वारा भगवान श्रीराम के चरण पूजन से हुई। शबरी की भक्ति और राम का आशीर्वाद दृश्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। इसके बाद राम–सुग्रीव मिलन और बाली वध प्रसंग में कलाकारों के जीवंत अभिनय ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम द्वारा बाली के वध के पश्चात धर्म और नीति की शिक्षा देने वाला संवाद मंचित हुआ, जिस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं। लीला के अंतिम दृश्य में हनुमान जी द्वारा लंका दहन का दृश्य प्रस्तुत किया गया। मंच पर कृत्रिम ज्वालाओं और जयकारों की गूंज से पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। हनुमान जी का उत्साहपूर्ण अभिनय इतना प्रभावशाली रहा कि दर्शक रोमांचित हो उठे।
आज की लीला में भगवान राम की भूमिका शिवा अग्रहरि ने निभाई, लक्ष्मण की भूमिका प्रांशु अग्रहरि ने, सीता बनीं अंश अग्रहरि, हनुमान बने भोला नाथ अग्रहरि, सुग्रीव की भूमिका बालकृष्ण बरनवाल ने निभाई, बाली बने गोविन्द सोनी, रावण का पात्र श्रवण कुमार बरनवाल ने साकार किया, मेघनाद की भूमिका शिवम् सोनी ने निभाई, विभीषण स्वयं सोनी बने जबकि अक्षय कुमार की भूमिका जयकृष्ण पांडेय ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी प्रेम प्रकाश जायसवाल और सुरेश गुप्ता ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और अयोध्या आगमन जैसे प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। मंचन के दौरान पंडाल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा और दर्शक देर रात तक लीला का आनंद लेते रहे।

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