भरत कुण्ड पर पिण्ड दान से पितरों को मिलती हैं आत्मशांति

 


सुल्तानपुर :-- अपने पितरों को पिण्ड दान करने पर के लिए अधिकांश लोग इस गया, जगन्नाथ जी पुरी की यात्रा पर निकले हैं। इसी क्रम में सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर क्षेत्र के शुकुल दुलैचा गांव निवासी हरि प्रसाद पाण्डेय भी गया जी एवं जगन्नाथ जी पुरी यात्रा पर निकले हैं। गांजे बाजे के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई जिसमें परिवार के सदस्यों सहित क्षेत्र के वरिष्ठ लोगों ने भी शोभायात्रा में शामिल हुए।



मान्यता है कि गया, जगन्नाथ जी पुरी यात्रा पर निकले के बाद पहला पिण्ड दान अयोध्या के भरत कुण्ड पर किया जाता है।श्री पाण्डेय ने श्री अवध डाटकाम से बातचीत में कहा कि भरत कुण्ड में पिण्ड दान करने से पितरों को आत्मशांति मिलती है इसलिए गया धाम में पिण्ड दान से पहले अयोध्या भरत कुण्ड पर पिण्ड दान करना चाहिए। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम लंका से वापस लौटने के यहां सरयू जी के तट पर महाराज दशरथ को पिण्ड दान किए थे।

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