रामायण सर्किट योजना से बिजेथुआ महावीर धाम का होगा अभूतपूर्व विकास

 

रिपोर्ट - पंकज गुप्ता 

सुल्तानपुर :--  धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बिजेथुआ महावीर धाम अब राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस पावन स्थल को रामायण सर्किट योजना में शामिल कर इसे पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। सुल्तानपुर के डीएम ने बताया कि शासन से कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे जल्द ही भव्य कॉरिडोर का निर्माण प्रारंभ होगा। पौराणिक मान्यता है कि यहीं पर भगवान श्रीराम के आदेश पर महाबली हनुमान जी ने काल नेमि राक्षस का वध कर धर्म की रक्षा की थी। तभी से यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहां हजारों भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, वहीं सावन और भादो माह में लगने वाले विशाल मेले में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस धाम की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को और भी भव्य बना देती है। सत्या माइक्रो कैपिटल के गतिशील एमडी एवं CEO तथा बिजेथुआ महोत्सव केंद्र आयोजक विवेक तिवारी जी की दूरदृष्टि और सार्थक पहल के परिणामस्वरूप आज बिजेथुआ महावीर धाम का अभूतपूर्व विकास साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सरोकार और दूरदर्शी दृष्टि से आस्था, विकास और समर्पण का जो संगम प्रस्तुत किया है, वह वंदनीय और प्रेरणादायी है। उनके अथक प्रयासों से न केवल बिजेथुआ महावीर धाम का गौरव पुनः आलोकित हो रहा है, बल्कि समूचे क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक ऊर्जा और सामाजिक उन्नति का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा जा रहा है। रामायण सर्किट योजना के अंतर्गत धाम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा कादीपुर के विधायक राजेश गौतम ने बताया श्रद्धालुओं के लिए भव्य कॉरिडोर, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, पार्किंग, पेयजल, शौचालय और आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इस निर्णय से श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यटन को बढ़ावा और स्थानीय क्षेत्र का आर्थिक-सामाजिक विकास एक साथ संभव होगा। धाम के विकास की खबर से श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता में उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस धाम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की मांग थी, जिसे अब सरकार और समाज के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। वास्तव में यह निर्णय आस्था, पर्यटन और रोजगार – तीनों स्तर पर मील का पत्थर साबित होगा।

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