जौनपुर :-- उत्तर प्रदेश में जहां माननीय मुख्यमंत्री जीरो टॉलरेंस की बात करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त शासन पर जोर दे रहे हैं वहीं जौनपुर जिले में
2300 मीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 26.58 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कर दिया और बताया गया कि सड़क बनाई जा चुकी है। लेकिन असल में सड़क सिर्फ कागजों पर ही बनी, हकीकत में नहीं। ये मामला सपा विधायक पंकज पटेल की शिकायत के बाद सामने आया. जब इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई तो उन्होंने इसे छोटी चूक बताया और कहा कि सरकार की छवि खराब नहीं करनी चाहिए। जौनपुर में कागजों पर सड़क बनाकर 26.58 लाख रुपए भुगतान किए जाने के मामले को लेकर जब सपा विधायक ने शिकायत की और लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाई गई सड़क और बिना काम कराए ही भुगतान के मामले में दोषियों पर कार्रवाई के बाबत जौनपुर के जिलाधिकारी से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि PWD में लाखों में नहीं करोड़ों में काम होते हैं. ऐसे में सड़क न बनाकर 25 से 30 लाख रुपए के भुगतान का मामला बहुत छोटा है। इस छोटे मामले को तूल देकर सरकार या जिले की छवि खराब नहीं करनी चाहिए।
दरअसल, मुंगराबादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक पटेल ने वित्तीय वर्ष 2023- 24 में PWD को सुजानगंज ब्लॉक के 2300 मीटर लंबे शिव रिहा संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था. विधायक के प्रस्ताव पर विभाग ने सड़क की स्वीकृति देते हुए इसका टेंडर भी एक ठेकेदार को दे दिया था। 26.58 लाख रुपये की लागत से बनाई जाने वाली इस सड़क को PWD विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार ने मिलकर कागजों पर बनाकर तैयार कर दिया और उसका भुगतान भी कर दिया गया।
यदि माननीय जिला अधिकारी के निगाह में 25.58 लाख का घोटाला एक छोटी चूंक है तों शायद डीएम साहब जौनपुर में करोड़ों के घोटाले की आस लगाए बैठे हैं।

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