मंदिर के पुजारी सानू पाठक ने बताया कि सावन के पावन महीने में प्रतिदिन शाम 3 बजे से 5 बजे तक शिव महापुराण की कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक सोमवार को रात 8 बजे से 108 दीपों से भव्य महाआरती की जाएगी और देवाधिदेव महादेव का विशेष श्रृंगार भी किया जाएगा।
सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर में पहुँचते हैं। इसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण कर लिया है। श्रद्धा और भक्ति के इस पवित्र माह में पंचमुखेश्वर मंदिर एक बार फिर आस्था का केंद्र बनने जा रहा है़।
मुख्य आयोजन:*
प्रतिदिन शाम 3 बजे से 5 बजे तक शिव महापुराण की कथा
- प्रत्येक सोमवार को रात 8 बजे से 108 दीपों से भव्य महाआरती
- देवाधिदेव महादेव का विशेष श्रृंगार
*व्यवस्थाएँ:*
मंदिर परिसर की रंग-रोगन और सफाई
- द्वादशी ज्योतिलिंग का भव्य रूप से रोशन
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाए सुव्यवस्थित


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