सुजानगंज जौनपुर:  भगवान और इंसान में अंतर स्पष्ट है।गोवर्धन उठाने पर ब्रजवासियों ने पूछा -कन्हैया!तुमने अकेले गोवर्धन को कैसे उठा लिया कृष्ण ने उत्तर दिया-कछु माखन को बल मिल्यों - कछु गोपन करी सहाय।राधा जी की कृपा से-मैने गोवर्धन लियों उठाए। भगवान और इंसान में यही अंतर होता है,भगवान श्रेय बांटते हैं-इंसान श्रेय लेना चाहता है। उक्त बातें पूज्य सरस्वती नंदन माधवाचार्य जी ने सुजानगंज क्षेत्र के गोपालपुर में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन कही। कथा व्यास ने बताया कि चीरहरण और रासलीला के माध्यम से कृष्ण ने जीव और ब्रह्म के बीच का मायारूपी पर्दा हटाकर ब्रह्म का साक्षात्कार कराया। जरासंध जैसे पापियों का मानमर्दन करके भगवान द्वारिकाधीश बने राजा भीष्मक की कन्या रुक्मिणी के साथ भगवान का प्रथम विवाह सम्पन्न हुआ। कथा प्रारम्भ से पूर्व मुख्य यजमान शिवनारायण तिवारी ने मंचाशीन कथा व्यास श्री सरस्वती नन्दन माध्वाचार्य का माल्यार्पण करके पूजन किया।इस अवसर पर पप्पू पांडे,हरिवंश पांडे अरविंद तिवारी, चन्दन मिश्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।