रिपोर्ट - जय सारस्वत
मथुरा- आत्मा के सहारे परमात्मा से जुड़कर दीन दुखियों और असहाय लोगों की सेवा करके भी भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। ऐसा कहना है डाक्टर कावेरी का।यह बात उन्होंने मंगलवार को वृंदावन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही।डॉक्टर कावेरी का इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की पढ़ाई करने के बाद आध्यात्मिक में लगाव हो गया और मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी को छोड़कर भगवान की तलाश में निकल पड़ी। डॉक्टर कावेरी को लगा कि भगवान को केवल भजन और साधना से ही नहीं बल्कि दीन दुखियों और असहाय लोगों की सेवा कर भी प्राप्त किया जा सकता है। इसीलिए उन्होंने दीन दुखियों की सेवा करने के लिए एक चैरिटेबल अस्पताल को चुना और बरसाना में अस्पताल की संचालिका पदभार संभाल लिया।अस्पताल में अपनी सेवा देने के बाद अब खुद सम्मोहन चिकित्सक कोर्स किया और सर्टिफाइड हिलर बन कर अब दुख में घिरे लोगों को पथ प्रदर्शक बन कर उनके जीवन में एक आशा की किरण जगा रही हैं। इतना ही नहीं बल्कि उनको पास्ट लाइफ रिग्रेशन, आकाशिक रिकॉर्ड रीडिंग कोर्स भी सिखा रही हैं। डॉक्टर कावेरी ने NLP, EFT, OHOPONOPONO जैसे इंटरनेशनल सर्टिफाइड मास्टरी भी हासिल की हुई है। वह भटके लोगों को रास्ता दिखाने का कार्य कर रही हैं, डॉक्टर कावेरी वृंदावन को ही अपनी कर्मभूमि मानती हैं और अपने लक्ष्य पर अग्रसर हैं। इनके इस सराहनीय लक्ष्य में इनके पति शुभम भी भरपूर साथ दे रहे हैं,जो कि खुद अपनी अमेरिका में नौकरी छोड़ तन मन धन से कावेरी का साथ दे रहे हैं।

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