रिपोर्ट - दिलीप सिंह
गोंडा। विजयादशमी के पावन पर्व पर मंगलवार शाम गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया। भैंसहवा घाट पर देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान पांच लोगों की जान बचाने वाला 45 वर्षीय किसान तुलाराम शुक्ला खुद कुआनो नदी के गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार में मातम छा गया है और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पृथ्वीपालगंज स्थित भैंसहवा घाट पर देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान गांव के पांच लोग दीपक, उत्तम, संजय, दद्दन और राजा कुआनो नदी में डूबने लगे। लोगों को डूबता देख शिव बक्श पुरवा निवासी तुलाराम शुक्ला ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी।
येतुलाराम ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक-एक कर पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, इस दौरान वह खुद नदी के गहरे पानी में चले गए और लापता हो गए। जिन लोगों को उन्होंने बचाया, उनकी जान तो बच गई, लेकिन दूसरों की जिंदगी बचाने की कोशिश में तुलाराम खुद जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए लापता हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही धानेपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तुलाराम की तलाश शुरू की गई। नदी का गहरा पानी और अंधेरा होने के कारण तलाश अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। देर शाम तक तुलाराम का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ गई।तुलाराम शुक्ला के लापता होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे पत्नी सुशीला और चार बेटों—लाला शुक्ला, नीरज, सूरज शुक्ला और रामधीरज को छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।तुलाराम शुक्ला ने अपनी जान की परवाह किए बिना पांच लोगों को नदी से सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता और साहस की मिसाल पेश की। उनकी बहादुरी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। ग्रामीणों की प्रार्थना है कि तुलाराम सकुशल मिल जाए ।

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