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रिपोर्ट - दिलीप सिंह
गोण्डा :- गन्ना उत्पादन में कृषि लागत की हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण गन्ना किसानों को भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है। गन्ना किसानों के हित में गन्ना मूल्य बढ़ना जरूरी हो गया है।इस आशय का एक प्रार्थना पत्र उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री को देते हुए अखिल भारतीय किसान संघ के प्रदेश संगठन मंत्री दिलीप मिश्रा ने उत्तर प्रदेश ने सरकार से गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) बढ़ाकर कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
डीजल, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़ी अन्य लागत में लगातार बढ़ोतरी से गन्ना किसान आर्थिक दबाव में हैं। किसानों का कहना है कि मौजूदा गन्ना मूल्य से फसल तैयार करने का खर्च भी पूरा करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अखिल भारतीय किसान संघ, संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री दिलीप मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि वर्तमान समय में डीजल, खाद, कीटनाशक, जुताई-बुवाई समेत गन्ने की फसल तैयार करने में आने वाली लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खेती की लागत में कई गुना इजाफा होने के बावजूद किसानों को मिलने वाला गन्ने का मूल्य उनकी मेहनत और मौजूदा महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है।
किसान संघ का कहना है कि गन्ना प्रदेश की प्रमुख नगदी फसल है और लाखों किसान व उनके परिवार प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से गन्ने की खेती पर निर्भर हैं। बढ़ती लागत और सीमित आमदनी के कारण किसानों के सामने खेती को लाभकारी बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
संघ ने प्रदेश सरकार से किसानों के हित और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए गन्ने का SAP बढ़ाकर न्यूनतम ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय करेगी।

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