वाराणसी में बोले संजय सिंह एक महीने में स्कूल ठीक नहीं हुआ तो फिर शुरू होगा 'स्कूल ठीक करो अभियान'

श्री अवध डाटकाम    9839627223

वाराणसी :-- आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कोनिया क्षेत्र में एक सरकारी विद्यालय को बंद किए जाने और उसे कागजों पर संचालित दिखाने को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर जमकर हमला बोला। संजय सिंह ने इसे बनारस के बच्चों के साथ बड़ा धोखा और 'प्रशासनिक फ्रॉड' करार देते हुए कहा कि जो स्कूल जमीन पर बंद है, वह सरकारी पोर्टल यू-डायस पर आज भी 'आपरेशनल' कैसे दिख रहा है?सांसद संजय सिंह ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मुकेश सिंह ने इस फर्जीवाड़े को उजागर किया और स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया, तो प्रशासन ने उनके साथ किसी बड़े माफिया की तरह व्यवहार किया। भारी पुलिस बल भेजकर उन्हें गिरफ्तार करना यह दर्शाता है कि सरकार अपनी कमियां छिपाने के लिए तानाशाही पर उतारू है। संजय सिंह ने सवाल किया कि क्या बच्चों की शिक्षा के लिए आवाज उठाना गुनाह है? प्रशासन भोला बनकर 'शिफ्टिंग' का बहाना बना रहा है, जबकि हकीकत में सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई है।प्रशासन के दावों पर तंज कसते हुए संजय सिंह ने कहा कि विद्यालय के भवन को जर्जर बताकर मरम्मत के नाम पर 3 साल पहले बंद किया गया था। उन्होंने कहा, "3 साल बीत जाने के बाद भी मरम्मत पूरी न होना सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। ऐसा लगता है जैसे मोदी-योगी जी इस स्कूल में हीरे-मोती जड़वा रहे हैं, जो ताजमहल से भी ज्यादा समय ले रहा है।"उन्होंने आरोप लगाया कि मरम्मत के बहाने जानबूझकर गरीब और दलित बच्चों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है।संजय सिंह ने सीधे तौर पर योगी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि स्कूलों को ठीक करने के लिए जो 604 करोड़ रुपये जारी हुए हैं, उसका सदुपयोग धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर एक महीने के भीतर कोनिया के इस स्कूल सहित अन्य स्कूलों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो आम आदमी पार्टी दोबारा वीडियो बनाने और पोल खोलने का अभियान शुरू करेगी। उन्होंने साफ कहा कि चाहे सरकार एक नहीं एक हजार एफआईआर दर्ज कर ले, लेकिन बच्चों के हक की लड़ाई नहीं रुकेगी।पार्टी प्रवक्ता मुकेश सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा उन पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाना हास्यास्पद है, क्योंकि असल भ्रम तो सरकारी पोर्टल फैला रहा है जो बंद स्कूल को चालू दिखा रहा है।उन्होंने मांग की कि कोनिया सट्टी में हस्तांतरित किए गए विद्यालय को वापस मूल स्थान पर पुनर्निर्मित किया जाए ताकि क्षेत्र के बच्चों को भटकना न पड़े और उन्हें उचित शिक्षा मिल सके।प्रेस वार्ता में इनके अतिरिक्त सर्वश्री काशी प्रान्त अध्यक्ष पवन तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता, जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल, जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पांडेय आदि उपस्थित थें।

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