श्री अवध डाटकाम 9839627223
सहारनपुर/उत्तर प्रदेश :- प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक पंजाब नेशनल बैंक के लाकर (करेंसी चेस्ट) में नकली नोटों का भारी जखीरा मिलने से बैंकिंग क्षेत्र के साथ ही आम इंसान में भी खलबली मच गई है। बैंक जैसे सुरक्षित स्थान पर 7 करोंड़ 40 लाख नकली नोट मिलना किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा है या फिर जनता की गाढ़ी कमाई पर सीधे डकैती है लोग इसे अपने अपने नजरिए से देख रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार सहारनपुर के सोफिया बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कैश चेस्ट से लगभग साढ़े सात करोड़ मूल्य के नकली नोट बरामद हुए हैं।
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने तीन वरिष्ठ प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नकली नोट किसी आम दुकान या छोटे काउंटर से नहीं, बल्कि बैंक की 'करेंसी चेस्ट' से मिले हैं जो बैंक का अत्यंत संवेदनशील हिस्सा होता है जहां करोड़ों रुपये की नकदी रखी जाती है और यहीं से अन्य शाखाओं व एटीएम में पैसा भेजा जाता है। करेंसी चेस्ट में नकदी जमा करने और निकालने की एक बेहद सख्त प्रक्रिया होती है। कैश चेस्ट खोलने के लिए दो अलग-अलग अधिकारियों की मौजूदगी और चाबियों की आवश्यकता होती है। बैंक में आने वाले हर नोट को सॉर्टिंग और काउंटिंग मशीनों से गुजारा जाता है, जो जाली नोटों को तुरंत पकड़ लेती हैं। कैश चेस्ट का कोना-कोना 24 घंटे उच्च क्षमता वाले कैमरों की नजर में रहता है। ऐसे में 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोटों का चेस्ट के भीतर पहुंच जाना एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि असली नोटों के बंडलों को धीरे-धीरे निकालकर उनकी जगह नकली नोटों की खेप फिट की गई और चेस्ट चेकिंग के दौरान इसे छिपाया जाता रहा। धोखाधड़ी और लापरवाही के इस गम्भीर मामले में पुलिस ने एक वरिष्ठ मंडल प्रबंधक (SDM) और दो करेंसी चेस्ट प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली नोट कहां छापे गए थे और इस रैकेट में बैंक के बाहर के कौन-कौन से माफिया या जाली नोट तस्कर शामिल हैं।
इस गम्भीर मामले की जानकारी होने के बाद बैंक उपभोक्ताओं के बीच भारी चिंता है। सोफिया मार्केट शाखा के बाहर जमा ग्राहकों का कहना है कि यदि बैंक की मुख्य तिजोरी में ही असली और नकली का फर्क खत्म हो जाएगा, तो आम इंसान किस पर भरोसा करेगा? लोगों को अब यह डर सता रहा है कि कहीं एटीएम या बैंक काउंटर से नकदी निकालते समय उनके हाथों में भी यही जाली नोट न थमा दिए जाएं।
सहारनपुर के इस मामले ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और अन्य व्यावसायिक बैंकों के होश उड़ा दिए हैं। जाली नोटों का इतना बड़ा जखीरा मिलना किसी क्षेत्रीय गिरोह का काम नहीं बल्कि एक बड़े संगठित वित्तीय अपराध की ओर इशारा करता है। इस घटना के बाद सहारनपुर और आसपास के जिलों में स्थित अन्य बैंकों की करेंसी चेस्टों की भी ऑडिट और गहन जांच की तैयारी की जा रही है। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो देश की वित्तीय साख और बैंकिंग प्रणाली पर जनता का विश्वास पूरी तरह डगमगा जाएगा। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस पूछताछ और आरबीआई की आंतरिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

0 Comments