अवैध कटान व वन्य जीव शिकार रोकने के लिए भारत नेपाल के अधिकारियों ने की बैठक

       श्री अवध डाटकाम   9839627223

रिपोर्ट - मिथिलेश जायसवाल 

 बहराइच। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग का 551 वर्ग किलोमीटर का जंगल पड़ोसी देश नेपाल से जुड़ा हुआ है जहां पर भारत से नेपाल तथा नेपाल से भारत में वन्यजीवों का आवागमन बेहिचक होता रहता है।गैंडा बाघ तेंदुआ हाथी आदि नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क से कतर्नियाघाट और कतर्नियाघाट से बर्दिया नेशनल पार्क को आते जाते रहते हैं।अवैध शिकार व अवैध कटान को रोकने के लिए दोनों देश के वन विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर अवैध गतिविधियों को रोकने की रणनीति बनाई तथा एक दूसरे का सहयोग करने पर भी सहमति जताते हुए योजना तैयार की।बहराइच ।कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में भारत और नेपाल के बीच बैठक हुई जिसमें नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क के प्रबन्धकों का स्वागत किया गया। डब्लूडब्लूएफ ने इस बैठक का आयोजन किया और इसमें ट्रान्स बाउण्ड्री के कई मुद्दों पर चर्चा की गयी। बैठक में मानव और वन्य जीवों के बीच संघर्ष, खाता कॉरीडोर से होकर हाथियों और गैंडों का आना-जाना, सीमा पार आपराधिक गतिविधियां (जैसे अवैध कटान और शिकार), घड़ियाल और गंगा डॉल्फिन का संरक्षण, गेरूआ नदी में पानी का स्तर कम होना आदि विषयों पर भी चर्चा की गयी। साथ ही साथ वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक जुलाई से 07 जुलाई तक आयोजित वन महोत्सव के  सातवें दिन के समापन पर कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क के प्रबन्धको को भी सम्मिलित किया गया। नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने इस मौके पर कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के ईको टूरिज्म कैम्पस में पौधों का रोपण किया। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में वन महोत्सव और 12 जुलाई को उत्तर प्रदेश में होने वाले 35 करोड़ पौध लगाने के अभियान के बारे में भी चर्चा की गयी। "एक पेड़ मं के नाम" के अभियान का हिस्सा बनकर हर्ष प्रकट किया और वृक्षारोपण कार्यों की उन्होनें सराहना की। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा समन्वय स्थापित कर अवैध कटान तथा अवैध शिकार को रोकना है। इस मौके पर दोनों देश के वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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