शिक्षण संस्थान की आत्मा है पुस्तकालय : डॉ. विनय कुमार त्रिपाठी

           श्री अवध डाटकाम    9839627223

'एक पुस्तक महाविद्यालय के नाम' अभियान का शुभारंभ

सुजानगंज /जौनपुर  :-- क्षेत्र के रघुबीर स्वायत्तशासी महाविद्यालय, थलोई में शुक्रवार को ज्ञान और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार त्रिपाठी ने विभिन्न विभागों को निःशुल्क पुस्तकें भेंट करते हुए डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि "पुस्तकालय किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा होता है। पुस्तकें केवल जानकारी का स्रोत नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं।" उन्होंने प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों से पुस्तकालय का नियमित उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। पढ़ने की आदत विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, चिंतनशीलता और नेतृत्व क्षमता का विकास करती है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता को समय की आवश्यकता बताया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अश्विनी कुमार गुप्ता ने "एक पुस्तक महाविद्यालय के नाम" अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाविद्यालय से उत्तीर्ण होने वाले छात्र अपनी स्वेच्छा से अपने विभाग को एक पुस्तक समर्पित करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन पुस्तकों से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने इसे ज्ञान के संवर्धन और महाविद्यालय के पुस्तकालय को समृद्ध बनाने की एक सराहनीय पहल बताया।

कार्यक्रम में डॉ. नागेन्द्र प्रसाद यादव, डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. प्रतिभा सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने इस अभियान को सफल बनाने तथा पुस्तकालय को समृद्ध करने का संकल्प लिया।

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