पत्रकारिता मेरे लिए सदैव केवल समाचारों के संकलन और प्रकाशन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का एक सशक्त दायित्व रही है। इस यात्रा में अनेक प्रतिभाशाली और समर्पित पत्रकारों के साथ कार्य करने का अवसर मिला, जिनमें डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय का नाम अत्यंत सम्मान और आत्मीयता के साथ लिया जाता है। लगभग तीन दशकों से वे पत्रकारिता, सामाजिक चेतना और जन सरोकारों के क्षेत्र में जिस निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ सक्रिय हैं, वह उन्हें विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद की धरती पर जन्मे डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय ने अपने पत्रकारिता जीवन का प्रारम्भ विभिन्न समाचार पत्रों में कार्य करते हुए किया। प्रारम्भिक दौर में ही उन्होंने समाचार संकलन, संपादन तथा जनसंपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय अनुभव अर्जित किया। इन अनुभवों ने उनके व्यक्तित्व में निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सामाजिक दृष्टि का विकास किया।
मुझे प्रसन्नता है कि उन्होंने दि ग्राम टुडे साप्ताहिक समाचार पत्र से बतौर पत्रकार अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। उस समय मैं इस समाचार पत्र का स्वामी एवं सम्पादक था। उनके साथ निकटता से कार्य करते हुए मैंने उनकी कार्यनिष्ठा, ईमानदारी और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को बहुत निकट से देखा। उन्होंने पत्रकारिता को कभी व्यवसाय नहीं माना, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार किया।
वर्ष 2017 हमारे लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध हुआ, जब श्री अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय और मैंने संयुक्त रूप से दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह की स्थापना की। हमारा उद्देश्य केवल समाचार पत्र प्रकाशित करना नहीं था, बल्कि पत्रकारिता, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना को एक सशक्त मंच प्रदान करना था। इसी उद्देश्य को लेकर दैनिक, साप्ताहिक एवं मासिक प्रकाशनों का क्रम प्रारम्भ हुआ, जो आज निरंतर विस्तार और प्रतिष्ठा प्राप्त कर रहा है।
संस्थान की स्थापना के बाद से डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय प्रबंध निदेशक एवं प्रधान सम्पादक के रूप में अत्यंत दक्षता, दूरदर्शिता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह ने पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य, शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक जागरूकता तथा जनहित के विविध विषयों को समान महत्व दिया है। उन्होंने संस्थान को केवल समाचारों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे सामाजिक और बौद्धिक विमर्श का एक सशक्त मंच बनाया।
मैंने सदैव पाया है कि उनकी लेखनी में जन सरोकारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति दिखाई देती है। ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों के पक्ष में उनकी सोच और लेखन सदैव सकारात्मक एवं प्रेरणादाई रहे हैं। आज जब मीडिया अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब भी उन्होंने सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को अपनी पत्रकारिता की मूल पहचान बनाए रखा है।
पत्रकारिता के अतिरिक्त वे सामाजिक गतिविधियों में भी निरंतर सक्रिय रहे हैं। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं जनजागरण अभियानों में उनकी सहभागिता उल्लेखनीय रही है। उनकी सेवा-भावना और सामाजिक संवेदनशीलता उन्हें एक सफल पत्रकार के साथ-साथ एक जागरूक समाजसेवी के रूप में भी प्रतिष्ठित करती है।
पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें समय-समय पर अनेक प्रतिष्ठित सम्मान एवं अलंकरण प्राप्त हुए हैं। ये सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत कार्यों का मूल्यांकन नहीं, बल्कि जनहित और सामाजिक प्रतिबद्धता के प्रति उनके निरंतर समर्पण की सार्वजनिक स्वीकृति हैं।
मेरे लिए डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय केवल सहयोगी नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय साथी, कुशल प्रशासक और पत्रकारिता के आदर्श मूल्यों के संवाहक रहे हैं। उनके व्यक्तित्व में विनम्रता, नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत समन्वय है। उनके साथ कार्य करते हुए मुझे सदैव यह विश्वास रहा कि दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह अपने मूल उद्देश्यों और आदर्शों पर निरंतर अग्रसर रहेगा।
मेरा विश्वास है कि उनकी लगभग तीन दशक की पत्रकारिता यात्रा आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। यदि पत्रकारिता सत्य, संवेदना, निष्पक्षता और समाज के प्रति समर्पण के साथ की जाए, तो वह केवल समाचारों का माध्यम नहीं रहती, बल्कि जनजागरण और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावशाली अभियान बन जाती है। डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय की जीवन-यात्रा इसी सत्य की सशक्त अभिव्यक्ति है।
— डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय
समूह सम्पादक, दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह
राष्ट्रीय समन्वयक,
दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार

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