श्री अवध डाटकाम 9839627223
सुजानगंज / जौनपुर :- परमात्मा पर भरोसा सदैव सुखद होता है।आशा और भरोसा करना कभी भी निष्फल नहीं होता है लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर रहती है कि आपने आशा किससे किया और भरोसा किस पर किया। उक्त उद्गार करौरा में राजेश कुमार सिंह योगेश कुमार सिंह के संयोजकत में चल रही राम कथा मैं नैमिषारण्य से आए कनक जी महाराज ने मंगलवार देर शाम व्यक्त किया। सती सुलोचना के प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा सुलोचना रावण से आशा किया था कि मेघनाथ का कटा से ले आकर देंगे लेकिन रावण ऐसा नहीं कर सका। भरोसा राम पर किया था निश्चित रूप से मेरे पति का सिर मुझे देंगे। प्रभु राम ने सम्मान के साथ मेघनाथ का सिर सुलोचना को सौंप दिया। सुलोचना पति का सिर लेकर समुद्र के किनारे संगम पर चिता लगाकर पति लोक को प्रस्थान कर गई।कथा के प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने हनुमान जी द्वारा अहिरावण के बध की कथा पर प्रकाश डाला और कहां हनुमान जी ने अहिरावण का सिर काटकर देवी जी के हवन कुंड में आहुति दे डाली। पूज्य पाद ने कहा कि आसुरी शक्तियों पर क्रोध करके विजय नहीं प्राप्त की जा सकती है उन पर विजय प्राप्त करने के लिए बोध की आवश्यकता पड़ती है।कथा के पूर्व मुख्य यजमान योगेश कुमार सिंह राजेश कुमार सिंह सहित दर्जन से अधिक लोगों ने माल्यार्पण कर व्यास जी का स्वागत किया। कथा विश्राम पर आरती का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के तमाम संभ्रांत जन उपस्थित रहे।

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