सुजानगंज/ जौनपुर :-- केन्द्र और राज्य सरकार की शिक्षा नीति का खुला उदाहरण स्थानीय क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय इटहा में देखने को मिल रहा है जहां बच्चे काल के गाल में बैठ कर पढ़ने को मजबूर हैं। भला हो वहां तैनात शिक्षकों का जो खतरे को देखते हुए बच्चों को पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार उक्त विद्यालय में तीन एकल कक्षा-कक्ष तथा दो सम्मिलित कक्षा-कक्ष है जिसमें दो एकल कक्षा-कक्ष पहले ही निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है।
एक कक्ष में लगा लोहे का गाटर टूट गया है तथा दूसरे कक्ष के छत की पटिया टूट कर लटक रही है।ऐसी परिस्थिति में यह दो कक्षा-कक्ष विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए काल के गाल के समान है। मजे की बात यह है कि प्रधानाध्यापक कक्ष का भी गाटर लटक रहा है जिसे लकड़ी की बल्ली के सहारे रोका गया है। बेहतर शिक्षा व्यवस्था की ढ़िढ़ोरा पीटने वाली सरकार और प्रशासन शायद इस विद्यालय में किसी बड़ी दुर्घटना होने का इंतजार कर रहा है।


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