रिपोर्ट - मिथिलेश जायसवाल
बहराइच। सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह के 360वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर शुक्रवार को नगर पंचायत मिहींपुरवा में भव्य नगर संकीर्तन शोभायात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें गुरुवाणी के मधुर स्वर और “वाहे गुरु” के जयकारों से पूरा नगर श्रद्धा और उल्लास से गूंज उठा।सुबह से ही गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संकीर्तन मे दूर दराज से आये सिख समुदाय के पुरूषों के साथ भारी संख्या में महिलाओं तथा बच्चों ने भी भाग लिया संकीर्तन की शुरुआत मिहींपुरवा स्थित गुरुद्वारा से हुई, जो मिहींपुरवा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए नैनिहा तक पहुंची और पुनः गुरुद्वारा परिसर में आकर संपन्न हुई। संकीर्तन में सजे-धजे पंच प्यारे, कीर्तन जत्थे और बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
पूरे कस्बे में “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। जगह-जगह समाजिक लोगों के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। संकीर्तन के दौरान गुरु गोबिंद सिंह के त्याग, बलिदान, साहस और आदर्श जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग सेवा, सत्य और समानता पर चलने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के समापन पर गुरुद्वारा में विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर देश में अमन-चैन, एकता और भाईचारे की कामना की गई।कार्यक्रम में सिख समुदाय के लोगों के साथ बड़ी संख्या में कस्बे के लोग मौजूद रहे। नगर कीर्तन का शांतिपूर्ण और अनुशासित आयोजन मिहींपुरवा में सौहार्द और भाईचारे की एक सुंदर मिसाल बनकर सामने आया।

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