फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसान संगोष्ठी आयोजित



रिपोर्ट - विजय बाजपेयी 

नानपारा/बहराइच। शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र के चंदेला कला गांव में कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा की ओर से किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इन सीटू फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें किसानों को फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी गई। वैज्ञानिक पीके सिंह ने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता कम होती है और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने किसानों को हैप्पी सीडर, रोटावेटर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के बारे में बताया, जिससे बिना पराली जलाए खेतों की जुताई व बुवाई संभव है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय उसे खेत में मिलाकर जैविक खाद के रूप में उपयोग करें, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याएं साझा की और वैज्ञानिकों से समाधान प्राप्त किया। वैज्ञानिक सुनील कुमार ने किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं और अनुदानों की जानकारी दी, ताकि वे इनका लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। इस दौरान राम पलटन तिवारी,अमित शर्मा,कृष्ण गोपाल पांडेय,विजय शर्मा, रमेश कुमार पांडेय,मगन बिहारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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