नारद मोह और रावण जन्म का जीवंत प्रसंग देख भाव-विभोर हुए दर्शक
रिपोर्ट - पंकज गुप्ता
सूरापुर /सुल्तानपुर । बिजेथुआ धाम स्थित श्रीराम भक्त रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला के प्रथम दिवस मंचन में नारद मोह और रावण जन्म के प्रसंगों का सजीव अभिनय प्रस्तुत किया गया। मंचन के दौरान दर्शक भक्ति और रोमांच से सराबोर हो उठे।
कथा अनुसार राजा सीलनिधि अपनी कन्या विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचाते हैं। विश्व मोहिनी को देखकर नारद मुनि मोहित हो जाते हैं और भगवान विष्णु से सुंदर रूप देने की प्रार्थना करते हैं। भगवान विष्णु उन्हें बंदर का मुख दे देते हैं। स्वयंवर में विश्व मोहिनी भगवान विष्णु के गले में जयमाला डाल देती है, जिससे कुपित होकर नारद उन्हें शाप दे देते हैं।
मंच पर राजा शीलनिधि की भूमिका राम गुलाब, भगवान विष्णु की सोनू मोदनवाल, तथा कामदेव की भूमिका कन्हैया पांडेय ने निभाई। नारद मुनि के रूप में तूफानी पांडेय का रौद्र अभिनय दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी विवेक तिवारी के पिता वरिष्ठ अधिवक्ता राम मिलन तिवारी ने फीता काटकर किया। उन्होंने भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील की। इस अवसर पर हौसिला प्रसाद पांडेय, राहुल सिंह, अमृत लाल अग्रहरि, बुद्धू पांडेय, राम विनय सिंह, राम गुलाब मोदनवाल, सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आरती उतारी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष सुनील मिश्रा ने की। मंच संचालन अशोक कुमार दूबे और निर्देशन उदय प्रताप सिंह द्वारा किया गया।


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