जौनपुर। :-- जिले में बिजली विभाग द्वारा जारी भ्रष्टाचारी करंट के चपेट में आने से सैकड़ों उपभोक्ता तड़प रहें हैं। जिसमें कुछ का मामला गंभीर बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार बिजली विभाग द्वारा लाखों के बकायेदार उपभोक्ताओं का कनेक्शन पैसा लेकर पीडी करके एक पखवाड़े बाद फिर से नया कनेक्शन देने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री सहित विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजे गये शिकायती पत्र में मुंगराबादशाहपुर निवासी पवन कुमार पांडेय ने एक्सईएन मछलीशहर राजन कुमार पर साक्ष्य सहित आरोप लगाया है कि दो लाख का बकाया बिल घर बन्द होने की रिपोर्ट लगाते हुए बीस हज़ार में समाप्त कर दिया। फिर उसी उपभोक्ता को 15 दिन बाद नया कनेक्शन दिया जाता है। बिजली विभाग के उक्त चर्चित अधिकारी के कारनामों को उजागर करते हुए शिकायती पत्र में साक्ष्य के रूप में दस कनेक्शन धारियों को चिन्हित करते हुए शिकायत की गई है। इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि यदि उक्त अधिकारी के आईडी की जांच करा दी जाएगी तो लाखों करोड़ों का मामला ख़ुद बख़ुद सामने आ जाएगा। ऐसे कारनामों से एक तरफ़ जहां विभाग सहित सरकार का राजस्व का नुक़सान हो रहा है वही दूसरी तरफ़ इसे लेकर उपभोक्ता ख़ुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। बेलगाम अधिकारियों की ऐसी लापरवाही से उपभोक्ता हैरान है कि वह किस आधार पर विद्युत बिल जमा करे। बिलिंग की सबसे अधिक समस्या मछलीशहर डिवीजन में देखने को मिल रही है। जहां वर्षों से बंद पड़े मकानों के अंदर लगे मीटरों की भी रीडिंग करके गलत तरीके से उपभोक्ताओं को बिल पकड़ा दिया जा रहा है। खराब पड़े मीटरों, जिस कनेक्शन पर मीटर नही लगा है उसकी बिलिंग आखिर कैसे हो जा रही है। यह समस्या मछलीशहर डिवीजन ही नहीं बल्कि पूरे जिले में है। विभाग के उच्चाधिकारी उपभोक्ताओं की इस समस्या का समाधान करने के बजाय गलत ढंग से मीटर रीडिंग कराकर उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर दे रहे हैं। यह समस्या उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनी हुई है। आखिर इसके सुधार के लिए किस अधिकारी का दरवाजा खटखटाएं। खास बात यह है कि इस जिले के प्रभारी मंत्री खुद ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा हैं। जब उनके जिले में बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा यह मनमानी की जा रही है तो अन्य जगहों का क्या हाल होगा।

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