फायरिंग, क्विज, खेल प्रतियोगिता व रेजांगला युद्ध फिल्म ने बढ़ाया उत्साह
रिपोर्ट - संतोष मिश्र
बहराइच। इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित लॉर्ड बुद्धा पी.जी. कॉलेज में चल रहे एनसीसी शिविर के आठवें दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कैंप कमांडेंट कर्नल ए.पी.एस. पटवाल के निर्देशन में कैडेट्स ने अनुशासन और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। ई कंपनी में सूबेदार सुखबीर सिंह एवं सी.एच.एम. सुमन जंग बहादुर के नेतृत्व में कैडेट्स को फायरिंग अभ्यास कराया गया। इसके बाद क्विज प्रतियोगिता हुई, जिसमें बी कंपनी प्रथम, सी कंपनी द्वितीय तथा डी कंपनी तृतीय स्थान पर रही। शाम को कर्नल ए.पी.एस. पटवाल ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के महत्व पर प्रकाश डाला। अंडर ऑफिसर खुशी मिश्रा एवं कैडेट दीप्ति पांडे ने बताया कि सिंदूर भारत माता की उस मांग का प्रतीक है, जो सैनिकों के बलिदान से सुशोभित होती है। इस अवसर पर कैडेट्स को संदेश दिया गया कि उन्हें हर परिस्थिति में शत्रु का सामना करने तथा आपदाओं में राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। इसके बाद कैडेट्स को रेजांगला युद्ध पर आधारित फिल्म दिखाई गई। इसमें भारतीय थल सेना की 13 कुमाऊं रेजिमेंट की सी कंपनी के 116 जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की गाथा दिखाई गई खेल प्रतियोगिताओं में भी कैडेट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वॉलीबॉल में ए कंपनी ने बी कंपनी को, सी कंपनी ने डी कंपनी को तथा ई कंपनी ने एफ कंपनी को हराया। वहीं बैडमिंटन प्रतियोगिता में लड़कियों ने जोश के साथ हिस्सा लिया। इसमें बी कंपनी ने ए कंपनी को, सी कंपनी ने डी कंपनी को तथा ई कंपनी ने एफ कंपनी को हराया। शिविर का निरीक्षण करने कमांडर विशाल दुबे गोरखपुर से पधारे। उन्होंने शिविर व्यवस्था प्रशंसा की तथा कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर सूबेदार मेजर नंद सिंह एवं बी.एच.एम. राजनीश सिंह भी उपस्थित रहे।
अधिकारियों द्वारा एनसीसी कैडेट्स के अनुशासन और परिश्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। समस्त गतिविधियां सूबेदार मेजर नंद सिंह, कॉलेज के सचिव डॉ. यशपाल एवं कॉलेज स्टाफ के सहयोग से संपन्न हुई।

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