लगभग 7 वर्ष बीत गए नही लगा शौच के बर्तन
रिपोर्ट -- कुलदीप विश्वकर्मा
महराजगंज/जौनपुर:-- सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव-गांव में शौचालय निर्माण की योजनाएं शुरू की गई थीं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त किया जा सके। लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। ऐसा ही एक उदाहरण महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के बसहरा कला गांव का सामुदायिक शौचालय है, जो करीब सात वर्षों से आधा अधूरा पड़ा हुआ है, और अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय का निर्माण कार्य करीब 7 वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। शौचालय का बाहरी-ढांचा खड़ा कर जिम्मेदारों द्वारा सारा पैसा निकाल लिया गया है परन्तु भीतर खोखला ही रह गया, पानी की टंकी तक नही रखी गयी | बाहरी खड़ी दीवारों में भी दरारें पड़ चुकी हैं। दरवाजे नहीं लगे हैं, न ही पानी की कोई सुविधा है। और न ही शौचालय मे किसी लाईट की कोई व्यवस्था बिजली तक नही है । महिला शौचालय घर में शौच के बर्तन तक नही लगाया गया है जिम्मेदार द्वारा सरकारी पैसे को जमकर लूटा गया है।
गांव निवासी शम्भू नाथ, महेन्द्र, राम अवध, बबलू वीरेन्द्र ने बताया कि जब इसका निर्माण शुरू हुआ था तब उम्मीद थी कि अब खुले में शौच से मुक्ति मिलेगी, लेकिन वर्षों बीत गए, यह आज तक पूरा नहीं हुआ।
महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान है
गांव की महिलाएं निर्मला,शीतल,सुरसत्ती ने बताया कि उन्हें सुबह-सुबह अंधेरे में खेतों की ओर जाना पड़ता है जो असुरक्षित और असहज है। बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति और भी कठिन है।
ग्रामवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस सम्बन्ध में एडीओ पंचायत उमेन्द्र यादव का कहना है कि शिकायत मिली है जांचोपरांत कार्यवाही होगी। क्या शिकायत मिलने पर ही कार्यवाही होगी कि गांव में सरकार द्वारा नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी भी योजनाओं को कभी देखने जाते है।इस पिछले सात वर्षों में कई ग्राम विकास अधिकारी आए।

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