फर्जी एसटीएफ गैंग का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

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मुख्य आरोपी टीएसआई फरार

कानपुर/उत्तर प्रदेश :-  कानपुर पुलिस ने फर्जी एसटीएफ गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्जी एसटीएफ गैंग पुलिस बनकर लोगों से वसूली करता था। गिरफ्तार किए गए गैंग सदस्यों में एक होमगार्ड और एक पीआरडी में तैनात महिला शामिल है, जबकि गैंग का सरगना ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर फरार है। गौरतलब है कि यह गैंग ऐसे ठिकानों पर छापेमारी करता, जहां पर गैरकानूनी काम किए जाते थे. पिछले दिनों कई होटल में गैंग ने छापामार कर प्रेमी युगल से वसूली की थी।

वहीं एसटीएफ बन छापेमारी कर वसूली के दो मामलों में एफआईआर दर्ज हुई थी जिसके बाद से पुलिस इस फर्जी गैंग की तलाश कर रही थी। डीसीपी पश्चिम की सर्विलांस टीम ने गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इस गैंग का सरगना शहर में ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात अजीत यादव है, जो फरार चल रहा है. पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। खुलासा करते हुए डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि फर्जी एसटीएफ टीम के द्वारा फर्जी तरीके से लोगों से अवैध वसूली की जाती थी. लोगों को डरा धमकाकर लूटपाट करने के साथ मारपीट करने की शिकायतें कई बार आ चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने इस ग्रुप पर शिकंजा कसते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की है. मामले में मुख्य आरोपी टीएसआई अजीत यादव पुत्र राम मूर्ति यादव अभी फरार है. जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।पुलिस ने आरोपियों के पास से दो गाड़ियां, मोबाइल फोन बरामद किए हैं. यह सभी आरोपी पहले 7 से 8 घटनाएं कर चुके हैं. डीजीपी दिनेश त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि नकली पुलिस पर असली पुलिस के छापे में एक हूटर वाली गाड़ी पुलिस की वर्दी मिली है. ये सभी आरोपी फिल्मी स्टाइल में लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। पुलिस का लोगो लगाकर कार पर घूमते थे. इनके पास से कुछ अवैध हथियार भी बरामद किया गए है।

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