धर्म और सत्मार्ग पर चलकर बने ईश्वर की कृपा प्राप्त - घनश्याम दास जी

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सुजानगंज/जौनपुर :-- ईश्वर का कृपापात्र बनना है तो सदैव धर्म और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। प्रभु का अवतार तो अधर्मियों और अन्यायियों के विनाश के लिए ही होता है ।उक्त उद्गार सबेली ग्राम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य घनश्याम दास जी महराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। श्री कृष्ण के बाल लीला , गोवर्धन पूजा के प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला ।कंस बाद की कथा का विस्तार से उल्लेख करते हुए महराज जी ने कहा कि श्री कृष्ण का अवतार इसीलिए हुआ था ताकि अधर्म और अन्यायियों को खत्म किया जा सके। जब जब धर्म की हानि होती है तब तब प्रभु किसी न किसी रूप में इस धरा पर अवतरित होते हैं। मुख्य यजमान जय प्रकाश विजय प्रकाश पाण्डेय ने कथा के पूर्व व्यास गद्दी का पूजन अर्चन कर माल्यार्पण से व्यास जी का स्वागत किया। इस अवसर पर नागेश ,भास्कर , संतोष समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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