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सुजानगंज/ जौनपुर -- भगवान और भक्त का अजीब संबंध होता है जों भक्त भगवान की शरण में जाता है भगवान उसके अंदर संतोष की भावना को देखते है उसी आधार पर अपने भक्त को सब कुछ प्रदान करते हैं। भक्त सुदामा के अन्दर का संतोष भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत है जिसका लोग अनुसरण करें। उक्त बातें सुजानगंज क्षेत्र के हरीपुर मे प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव के आवास पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्री धाम अयोध्या से पधारे प्रेम शरण जी महाराज ने कही। कथा व्यास ने कृष्ण और सुदामा चरित्र पर विस्तृत प्रकाश डाला जिसे सुन श्रोता हुए भाव विभोर।
प्रेम शरण जी महाराज ने कहा कि सुदामा की कथा भक्तों को संतोष की शिक्षा देती । सुदामा अत्यंत गरीब होते हुए भी उन्होंने संतोष नहीं छोड़ा और अपने जीवन में धर्म का परित्याग नहीं किया और जीवन में उन्होंने केवल परमात्मा को ही सब कुछ अपना माना और निष्ठा पूर्वक ने अपने जीवन को यापन किया इसके फलस्वरूप भगवान ने उनको सारी संपत्ति से भरपूर कर दिया। कथा प्रारम्भ से पूर्व मुख्य यजमान ने पीठासीन कथा व्यास का माल्यार्पण कर स्वागत किया ।

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