शमीम अहमद
मड़ियाहूं, जौनपुर ।परमात्मा का विशुद्ध अंश आत्मा है आत्मा ही शाश्वत अपरिवर्तनशील सत्य सनातन अजर अमर है। परमात्मा का निवास हृदय देश में ही होता है। गीता के अनुसार कर्म करके ईश्वर को पाया जा सकता है। उक्त बातें स्वामी अड़गड़ानंद महाराज जी के शिष्य नारद महाराज ने नगर में रानीपुर ग्राम में विनय यादव के आवास पर रविवार की देर रात अखंड गीता के पाठ के समापन पर भक्तों को संबोधित करते हुए कहा है। इन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर निर्वाह के लिए हर प्राणी भोजन करता है उसी प्रकार आत्मा का भोजन भजन है। जितना अधिक भजन करेंगे उतना अधिक आत्मा बलवती होती जाएगी। हर व्यक्ति को गीता के अनुरूप आचरण करना चाहिए बड़े भाग्य से मनुष्य का तन मिला है ।गोस्वामी जी ने भी रामचरितमानस में इसका उल्लेख किया है मानव जन्म अनमोल है इसका सदुपयोग करना चाहिए। अधिक से अधिक भगवान का भजन करें भगवान के लिए भी समय निकाले ईश्वर का भजन ही सत्य है बाकी संसार की सारी वस्तुएं सत्य और मिथ्या हैं नश्वर हैं। गीता के भाष्य यथार्थ गीता की तीन चार आवृत्ति कर लें गीता समझ में आ जाएगी। इस मौके पर प्यारेलाल शर्मा, राजकुमार यादव ,बैजनाथ प्रजापति ,चंद्रभान यादव, आचार्य विकास दुबे राधा कृष्ण शर्मा, आचार्य विनय कुमार दुबे, जैनेंद्र दुबे सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
शमीम अहमद
मड़ियाहूं, जौनपुर ।परमात्मा का विशुद्ध अंश आत्मा है आत्मा ही शाश्वत अपरिवर्तनशील सत्य सनातन अजर अमर है। परमात्मा का निवास हृदय देश में ही होता है। गीता के अनुसार कर्म करके ईश्वर को पाया जा सकता है। उक्त बातें स्वामी अड़गड़ानंद महाराज जी के शिष्य नारद महाराज ने नगर में रानीपुर ग्राम में विनय यादव के आवास पर रविवार की देर रात अखंड गीता के पाठ के समापन पर श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए कहा है। इन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर निर्वाह के लिए हर प्राणी भोजन करता है इस प्रकार आत्मा का भोजन भजन है। जितना अधिक भजन करेंगे उतना अधिक आत्मा बलवती होती जाएगी। हर व्यक्ति को गीता के अनुरूप आचरण करना चाहिए बड़े भाग्य मानुष तन पावा गोस्वामी जी ने भी इसका रामचरितमानस में उल्लेख किया है मानव जन्म अनमोल है इसका सदुपयोग करना चाहिए। अधिक से अधिक भगवान का भजन करें भगवान के लिए भी समय निकाले ईश्वर का भजन ही सत्य है बाकी संसार की सारी वस्तुएं सत्य और मिथ्या हैं नश्वर हैं। गीता के भाष्य यथार्थ गीता की तीन चार आवृत्ति कर लें गीता समझ में आ जाएगी। इस मौके पर प्यारेलाल शर्मा, राजकुमार यादव ,बैजनाथ प्रजापति ,चंद्रभान यादव, आचार्य विकास दुबे राधा कृष्ण शर्मा, आचार्य विनय कुमार दुबे, जैनेंद्र दुबे सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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