सुजानगंज/जौनपुर:- ईश्वर अविनाशी है और जीवात्मा में ही परमात्मा का निवास स्थान है मनुष्य को हमेशा सत्कर्म करना चाहिए क्योंकि ईश्वर हमेशा हमारे कर्मों को देख रहा है उक्त बातें क्षेत्र के अरुवां ग्राम सभा में पण्डित रमाकांत उपाध्याय के यहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह में कथा के दूसरे दिन कथा व्यास नरेंद्र तिवारी मुन्नू महाराज ने व्यक्त किया। कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के कुल चौबीस अवतार है और उन्होंने पंचदेवों की चर्चा करते हुए कहा कि सभी एक ही आत्मा है कथा में उन्होंने महात्मा भरत के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि राजा परीक्षित ने कहा कि यदि जाने अनजाने में हमसे गलती होती है तो उसका प्रायश्चित करे तो प्रायश्चित करने से हमारी सभी ग़लती क्षमा हो जाती है। मन में सेवा भाव होना चाहिए बस भगवान के समाने जाकर अपनी गलतियां स्वीकार कर लेना ही प्रायश्चित है।और वहां पर उपस्थित माताओं बहनों से अनुरोध किया कि अपने पतिदेव का सदैव सेवा करनी चाहिए क्योंकि बहुत सारे ग्रंथों में पति व्रत नारी का इतिहास रहा है और उन्होंने माता सती के व्रत कथा पर भी प्रकाश डाला। कथा प्रारम्भ से पूर्व मुख्य यजमान गायत्री देवी रमाकांत उपाध्याय ने मंचासीन कथा का माल्यार्पण कर पूजन किया। इस अवसर पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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