जौनपुर: मनुष्य के सबसे बड़े हितैसी है भगवान श्री कृष्ण - आचार्य सौरभ सुमन जी महाराज



भगवान का जन्म होते ही जयकारे से गूंज उठा पंडाल

सुजानगंज,जौनपुर:- क्षेत्र के ग्राम सभा सबेली में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक आचार्य सौरभ सुमन जी महाराज ने पंचम दिवस की कथा में भगवान के जन्मोत्सव लीला पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नंद जी के घर आनंद भयो आनंद के प्रकट होते ही पूतना सकटासुर अघासुर और बकासुर  धेनुकासुर और  वत्सासुर रूपी जीव जन्म जन्मांतर के  पाप भगवत कृपा से समूल भस्म हो जाते हैं. माखन चोरी बाल लीला के माध्यम से भगवान ने संदेश दिया की जीव का पाप उसके धन में अन्न में रहता है मक्खन दही के द्वारा भक्त वत्सल भगवान श्री कृष्ण भक्तों के जन्म-जन्मांतर के पाप खा गए उखल बंधन लीला के माध्यम से यह बताया की जीव कभी भी ईश्वर को अपनी शक्ति अहंकार क्रोध या अन्य साधनों से बांध नहीं सकता बांध सकता है तो केवल प्रेम से प्रेम की डोर से भगवान खुद बध जाते हैं जैसे यशोदा के वात्सल्य से  बध गए. उनको बांधते समय रस्सी का दो अंगुल छोटा पढ़ना माने ब्रह्म और जीव के बीच में दो अंगुल की ही दूरी है. गोवर्धन लीला 11 इंद्रियां भगवान में लग जाएं यही गोवर्धन है अपने शरीर को भगवान हाथों में समर्पित कर देना मनुष्य के विरोधी देवता और राक्षस दोनों होते हैं. मनुष्य के सबसे बड़े हितैसी केवल भगवान श्री कृष्ण ही हैं रास और महारास लीला जीव को परम आनंद की प्राप्ति ही रास है जीव और ब्रह्म का  एक साथ परमानंद  एक हो जाना  डूब जाना ही महारास है. रास और महारास के बाद कंस रूपी बुरी शक्तियों का अंत हो जाता है भक्त के जीवन से क्योंकि भगवान और भक्त की दूरी हट जाती है लाली मेरे लाल की जित देखो तित लाल लाली देखन मैं गई मैं भी हो गई लाल. कार्यक्रम के मुख्य यजमान अरविंद कुमार मिश्र, प्रशांत मिश्र, धीरज मिश्र, अनिल मिश्र सहित क्षेत्र के अन्य लोगों ने कथा का श्रवण किया।

Post a Comment

0 Comments