बदहाल नलकूप को लेकर किसान रोए और ऑपरेटर सोए

         श्री अवध डाटकाम  9839627223

नलकूप नंबर 1760 - बोर्ड पर अफसरों के नंबर, जमीन पर सिर्फ गोबर, गंदगी और सन्नाटा, पंप हाउस बना कचरा घर, उठ रहे गम्भीर सवाल 

रिपोर्ट - रंजीत तिवारी 

इटियाथोक/ गोण्डा :-- योगी सरकार किसानों को मुफ्त पानी देने का दावा करती है, लेकिन गोण्डा जिले के इटियाथोक ब्लॉक में इस दावे की हकीकत कुछ और ही है। यहां का एक सरकारी नलकूप सरकारी सिस्टम की लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन गया है। नलकूप नंबर 1760 के पंप हाउस की दीवार पर अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और विद्युत हेल्पलाइन 1912 तक के नंबर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखे हैं, लेकिन हकीकत में एक भी फोन नहीं उठता। किसान किसे शिकायत करें?

ग्रामीणों का आरोप है कि इस नलकूप पर तैनात सरकारी ऑपरेटर महीनों से ड्यूटी पर नहीं आये है। किसान सुबह-शाम चक्कर लगाते हैं, लेकिन ऑपरेटर का कोई  अता पता नहीं रहता है। सबसे शर्मनाक तस्वीर अंदर की है। पंप हाउस के दोनों दरवाजे 24 घंटे खुले रहते हैं। अंदर फर्श पर गोबर, गुटखा-बीड़ी के पाउच, सूखे पत्ते और कचरे का अंबार लगा हुआ है। बिजली के बोर्ड खुले पड़े हैं, तार झूल रहे हैं। लाखों की मोटर जंग खा रही है और कभी भी चोरी हो सकती है।

स्थानीय किसानों ने बताया कि इस एक नलकूप से 100 से अधिक किसानों की 100 बीघा से अधिक खेती की सिंचाई होती है। इस समय गेहूं व सरसों की बुवाई होनी है लेकिन इस  सरकारी नलकूप पर  आपरेटर की मौजूदगी ना होने से उन्हें मजबूरी में 300 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से निजी बोरिंग से पानी लेना पड़ रहा है।

किसानों ने जिलाधिकारी गोण्डा से मांग की है कि नलकूप संख्या 1760 जांच कर पंप हाउस की सफाई कराई जाए और लापरवाह ऑपरेटर को बर्खास्त कर कार्रवाई की जाए।

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