श्री अवध डाटकाम 9839627223 द्वारा प्रसारित
वह मेरे मम्मी पापा हैं, वो भी इंसान हैं
उनमें खूबियाँ हैं, फिर भी वो इंसान हैं
बिल्कुल जैसे बाकी सब में होती हैं
वैसे उनमें भी कमियाँ हैं, क्योंकि वो भी इंसान हैं।
हमें एक पल में बड़ा
और दूसरे पल में छोटा कहते हैं,
उन्हें समझना कहाँ आसान है
हम बच्चे हैं अक्सर गलती करते हैं, नुकसान भी करते हैं
गुस्सा उन्हें भी आता है, क्योंकि वो भी इंसान हैं
लेकिन वो माफ कर देते हैं,
उन्हें सब आना चाहिए, आखिर क्यों ?
उनसे इतनी बड़ी उम्मीदें लगाते हैं,
आखिर क्यों?
हम उनकी तुलना दूसरों के मम्मी पापा से करेंगे लेकिन,
वो हमारी तुलना दूसरों के बच्चों से नहीं कर सकते, आखिर क्यों?
बचपन में वो हमें आजादी देंगे,
क्योंकि हम बच्चे हैं
लेकिन बुढ़ापे में हम उन्हें रोक-टोक देंगे,
आखिर क्यों?
बचपन में वो हमें कंधों पर बिठाएंगे,
क्योंकि हम बच्चे हैं
लेकिन बुढ़ापे में हम उन्हें लाठी पकड़ा देंगे,
आखिर क्यों?
वो हर वक्त हमारे साथ नहीं होंगे,
क्योंकि वो इंसान हैं
हर वक्त हमारे साथ खड़े दिखेंगे,
कहने के लिए कि यह भी आसान है
जादू नहीं आता उनको लेकिन हमारी हर ख्वाहिश पूरी करते हैं
वैसे तो वो इंसान हैं, लेकिन महान हैं।
डॉ. तितिक्षा विवेकानंद नगर,
कोटा (राजस्थान)

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