मानव तस्करी को जा रही नाबालिग लड़की को एसएसबी ने बचाया


       श्री अवध डाटकाम  9839627223

रिपोर्ट - मिथिलेश जायसवाल 

बहराइच :- सीमा सुरक्षा बल (एस एस बी) तथा मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) की सक्रियता के कारण मानव तस्करी के एक मामले को रोकते हुए एक नाबालिग लड़की को बचाते हुए नेपाल (शांतिपूर्ण स्थापना गृह) को सौंप दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार मानव तस्करी तथा अवैध तस्करी रोकने के खिलाफ चलाए जा रहे हैं अभियान के तहत भारत नेपाल सीमा पार करने वाले लोगों को डिजिटल सत्यापन के बाद ही आवागमन की अनुमति दी जा रही है इसी दौरान एक लड़का और लड़की को जांच के दौरान पकड़ लिया गया।चेक पोस्ट रुपैडिहा पर बीआईटी टीम और  एएचटीयू ( मानव तस्करी रोधी इकाई) द्वारा चेकिंग व फ्रिस्किंग की जा रहीं थीं। इस दौरान समय लगभग नेपाल से 01 नेपाली लड़के के साथ 01 नेपाली लड़की चेक पोस्ट रुपैडिहा पर आई। चेकिंग के दौरान उनसे पूछताछ में लड़के ने अपना जन्म प्रमाणपत्र दिखाया जिसमें उसका नाम प्रेम घर्ती उम्र 16 वर्ष थी व लड़की ने अपना जन्म प्रमाण पत्र दिखाया जिसके अनुसार उसका नाम स्वास्तिका टुप्पा उम्र 17 वर्ष थी । लड़की से पूछताछ की गयी तो उसने बताया की वह रुपैडिहा मार्केट सामान लाने जा रही है व सामान लेकर तुरंत वापस नेपालगंज जाना है। साथी लड़के के बारे में पूछने पर बताया की ये लड़का मेरा भाई है। लड़के से पूछने पर उसने बताया की वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते है व मंडी (हिमाचल प्रदेश) अपने चाचा के पास जा रहे हैं। दोनो से पूछताछ के दौरान दी गई जानकारी में अंतर होने पर संदेह हुआ। शक के आधार पर इसकी सूचना समवाय प्रभारी रुपैडिहा को दी गयी, जिसके उपरांत समवाय प्रभारी रुपैडिहा द्वारा मानव तस्करी रोधी इकाई और देहात इंडिया एनजीओ की मौजूदगी में उनसे गहनता से पूछताछ किया गया तो लड़की ने अपना नाम स्वास्तिका टुप्पा उम्र 17 वर्ष, पिता का नाम कमल बहादुर टुप्पा पता श्रीपुर चतिवन वार्ड नंबर 03 जिला मकवानपुर, राष्ट्र नेपाल व लड़के ने अपना नाम प्रेम घर्ती, उम्र 16 वर्ष, पिता का नाम- शशिल घर्ती पता- आठबीस कोटे गाँव पालिका वार्ड नंबर 08 जिला रुकुम, राष्ट्र नेपाल बताया साथ ही लड़के ने बताया कि यह लड़की घर से एक सप्ताह पहले भागकर आई है और सानी भेरी ठुली भेरी रुकुम मगमा होटल नेपालगंज में रुकी हुई थी व मैं इसे मंडी हिमाचल से ले जाने के लिए आया था। दोनों के द्वारा बताया गया की वे छः माह पहले टिक-टोक पर मिले थे व लड़की बिना किसी को जानकारी दिए घर से भाग कर आई थी। लड़की ने अपने बड़े पापा का मो. नंबर दिया जिस पर संपर्क करने पर लडकी के बड़े पापा और दादा द्वारा बतया गया की उन्होंने हेटोडा (नेपाल) थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई हुई है व ये घर से बिना बताये भागी है व उन्हें रोक लिया जाये। दोनों के बयान में बदलाव व उनके घर से मिली जानकारी के आधार पर उक्त मामला मानव तस्करी का प्रतीत होने के कारण बचाई गयी नाबालिग लड़की को नेपाल (शांतिपूर्ण स्थापना गृह) के सुपुर्द कर दिया गया तथा संदिग्ध अभियुक्त को नेपाल पुलिस को सुपुर्द किया गया। एसएसबी द्वारा की गई इस सराहनीय पहल से मानव तस्करी रोकने में सफलता मिली।

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