मछली शहर/ जौनपुर :- बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ गठित टास्क फोर्स टीम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ के नेतृत्व में गुरुवार को मछली शहर के आधा दर्जन अस्पतालों में छापेमारी करके चार अस्पतालों को सील कर दिया। इस छापेमारी से अवैध रूप से संचालित अस्पताल संचालकों में खलबली मच गई है।
डीएम डॉ दिनेश चंद्र ने दो दिन पहले ही जिले भर में सभी फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स गठित किया था लेकिन अपोलो हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान हुई प्रसूता की मौत और हंगामे के बाद प्रशासन की नींद आखिरकार खुल गई।ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग व तहसील प्रशासन की टीम नगर में चल रहे अवैध अस्पतालों की जाँच की। जांच के दौरान अस्पताल का पंजीकरण,नवीनीकरण आदि कागज नहीं दिखा पाने के कारण टीम ने तीन अस्पताल सील कर दिया। वहीं एक संचालक अस्पताल बंद कर फरार हो गया। नगर के अपोलो अस्पताल में जमुहर के दहेला गांव निवासी बबीता की सीजेरियन आपरेशन के दूसरे दिन मौत हो गई थी। जिसके बाद जिला प्रशासन के निशाने पर यह अस्पताल पूरी तरह से आ गया था।
नगर के चुंगी चौराहा स्थित सीटी हॉस्पिटल पहुंची। वहां कोई चिकित्सक नहीं था मौके से सभी फरार थे। तीन मरीज भर्ती थे जिन्हें एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। इसके बाद टीम रोडवेज के निकट विद्यावती अस्पताल पहुंची। किंतु वहां अस्पताल के बाहर ताला लटक रहा था। गिरफ्तारी के डर से सभी मौके से फरार हो गए थे। टीम नंदलाल का पूरा में स्थित मां चंद्रावती क्लिनिक पहुंची जहां अस्पताल तो खुला था किंतु मौके से सभी फरार थे। उसे भी टीम ने सील कर दिया। उसके बाद मछलीशहर क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल पहुंची। वहां भी सभी फरार थे। इसे भी सील कर दिया गया।

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