मानव व समाज सुधार के लिए महात्माओं का उपदेश जरूरी- पंकज जी महाराज

 


जौनपुर :--  मथुरा मुख्यालय से जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष संत पंकज महाराज के सानिध्य में चल रही 122 दिवसीय शाकाहार, सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा का इकसठवां पड़ाव सोमवार सायंकाल आज़ाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निकट, कुम्भी मोकलपुर जौनपुर पहुंचा।

आयोजित सत्संग सभा को संबोधित करते हुए संत पंकज महाराज ने कहा कि भारत अनादिकाल से ऋषि-मुनियों और महापुरुषों की समृद्ध परम्परा का देश रहा है। इन महापुरुषों ने समाज में धार्मिकता, परस्पर प्रेम-सौहार्द और परोपकार की भावना जाग्रत करने हेतु सत्संग परम्परा को जीवित रखा। वर्तमान समय में इन परम्पराओं से प्रेरणा लेने और मानव व समाज सुधार की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन की पहली आवश्यकता उत्तम खानपान है। युग महापुरुष परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने आजीवन अथक प्रयास कर करोड़ों लोगों का हृदय परिवर्तन किया और उन्हें भगवान के भजन से जोड़ा। मानव शरीर सबसे श्रेष्ठ है, क्योंकि इसमें प्रभु की प्राप्ति का मार्ग निहित है। संत महात्माओं की कृपा और सुरत-शब्द योग साधना के अभ्यास से दिव्य दृष्टि एवं अनहद वाणी का अनुभव किया जा सकता है।

महाराज ने लोगों से आग्रह किया कि वे शाकाहार अपनाएं, नशे का परित्याग करें तथा स्त्री की ओर मां , बहन और बेटी के रूप में देखने की दृष्टि विकसित करें। उन्होंने कहा कि चरित्र ही मानव धर्म की सबसे बड़ी पूंजी है। जब गांव-गांव के लोग शाकाहारी-सदाचारी बनकर भजन करेंगे तो निश्चित ही रामराज्य और सतयुग की स्थापना होगी।

इस अवसर पर संस्था के महामंत्री बाबूराम यादव, आश्रम प्रबंधक सन्तराम चौधरी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय झा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह, जौनपुर संगत अध्यक्ष ऋषिदेव श्रीवास्तव सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम की शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। कार्यक्रम के उपरांत जनजागरण यात्रा भवानीपुर खेल मैदान, बीबीपुर के लिए प्रस्थान कर गई, जहां मंगलवार दोपहर 12 बजे से सत्संग आयोजित होगा।

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