हाफिज अरसलान राईन ने तरावीह की नमाज कराई मुकम्मल

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शमीम अहमद

मछली शहर,जौनपुर। नगर के पहाड़ पुर वार्ड मस्जिद में हाफिज अरसलान राईन  ने तरावीह की नमाज मुकम्मल कराई।

 बताया जाता है कि मुफ्ती इस्माइल साहब ने लोगों को अपने बच्चों को दीनी और दुनियावी इल्म हासिल करने के लिए कहा। और रमजान महिना और रोजा हमें बुराइयों से दूर रखने के साथ अल्लाह के नजदीक ले जाता है। पाक रमजान का महिना सबसे पवित्र और नेकियों का महिना है। इस माह की आमद पर चारो तरफ खुशियां छाई हुई होती है । लोग खुदा की इबादत कर अपने गुनाहों से माफी मगफिरत मांग ते है। सेहरी व अफ्तार का मजा कुरान शरीफ की तिलावत , नमाज का वसूल रोजें की रूहानियत लेकर आया है। रमज़ान-ए-मुबारक का नूर इस माह में एक फ़र्ज़ अदा करने पर सत्तर के बराबर सवाब देता है। वही एक नफिल नमाज़ पर एक फ़र्ज़ का सवाब मिलता है। 

 कहा कि रोज़ा भूखा रहने का नाम नही बल्कि अपने हाथ पैर , जुबान, आंख का भी रोज़ा होता है।  रमज़ान इबादत और गरीबो के साथ हमदर्दी का महीना है। अल्लाह पाक ने रमज़ान के मुबारक माह में रोज़े की हालत किये गए हर काम को सवाब का जरिया बना दिया है। अल्लाह के नबी ने फरमाया है कि रमज़ान के माह में रातो में पैगाम करने को भी सवाब बना दिया गया। रमज़ान का पहला असरा यानी रमज़ान के शुरू के 10 दिन रहमत के है। दूसरा असरा मगफिरत और गुनाहों से निजात का है और तीसरा असरा जहनुम से आज़दी का है। रमज़ान के महीने मुस्लिम अपने रब को राजी करने के लिए सच्चे दिल से इबादत करता है ।

तो अल्लाह पाक उस पर अपनी रहमत नाज़िल करते है तथा उनके गुनाहों को माफ कर देते है। इस मौके पर जनाब हाफिज अफ़ज़ल नाजिम मदरसा इस्लामिया जामिया उलूम, हाफिज रईस, मुफ्ती इस्माइल साहब, कारी इमरान साहब, अबरार, रईस मुंशी जी, सईद, हाफिज गुफरान, बेलाल राईन, शिबू राइन,हाफ़िज़ ताऊज, और दर्जनों लोगों ने शिरकत किया।

 मुफ्ती इस्माइल साहब ने देश में अमन ,चैन व खुशहाली के लिए की दुआ की ।

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