जौनपुर: माताओं के लिए पति सेवा सबसे बड़ा धर्म नरेंद्र तिवारी

 


सुजानगंज/ जौनपुर :- वे माताएं बहुत ही सौभाग्यशाली हैं जो सधवा हैं। उनके लिए सबसे बड़ा धर्म पति की सेवा करना है ।उक्त उद्गार अरुवां निवासी रमाकांत उपाध्याय के आवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार देर शाम नरेंद्र तिवारी मुन्नू महाराज ने व्यक्त किया। उन्होंने परीक्षित की कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी कारण बस अगर आदमी से गलती हो जाती है तो उसे स्वीकार कर उसका प्रायश्चित करना चाहिए। प्रायश्चित करने से उसके पाप नष्ट हो जाते हैं ।उन्होंने भरत अजामिल के चरित्र पर भी प्रकाश डाला। मातृशक्ति को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे तमाम उदाहरण मिलते हैं जिसमें पति व्रत नारियों ने इतिहास रच दिया है ।कथा के पूर्व मुख्य यजमान रमाकांत उपाध्याय पत्नी गायत्री के साथ व्यास जी का पूजन अर्चन किया।

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