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रिपोर्ट - मिथिलेश जायसवाल
बहराइच :-- स्वयं सेवकों ने सरयू नदी की साफ सफाई का अभियान शुरू किया है इसमें नगर क्षेत्र के सैकड़ो युवाओं ने अपना योगदान देकर सरयू नदी को साफ करने का संकल्प लिया है।मां सरयू पुनरोद्धार समिति बहराइच द्वारा नगर के झिंगहा घाट स्थित सरयू तट पर नदी की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में नगर के स्वयं सेवकों व नागरिकों की सहभागिता से नदी की साफ सफाई की गई । हिंदू धर्म में सरयू नदी को मां के रूप में पूजा जाता है लेकिन सरयू नदी में नगर के गंदे नालों को प्रवाहित किया जा रहा है इससे नदी पूरी तरह से प्रदूषित हो गई है। ऐसे में यदि नगर के नागरिक जागरुक ना हुए तो सरयू नदी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा नदी केवल नाम की रह जाएगी और उसमें केवल नाले का पानी ही रह जाएगा। ऐसी स्थिति में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने स्तर से थोड़ा समय देकर मां सरयू की साफ सफाई में अपना योगदान दे।साफ सफाई के तत्पश्चात मातृशक्ति के द्वारा मां सरयू की आरती उतारी गई। जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अजय ने बताया सनातन संस्कृति का प्रतीक मां सरयू की अविरल धारा का प्रवाह पुनः निर्मल एवं आचमन योग्य जल के प्रवाह के साथ हो इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु हम सबको दृढ़ संकल्पित होना पड़ेगा प्लास्टिक, पॉलिथीन, पूजन सामग्री, फूल आदि का विसर्जन सनातन धर्म के अनुयाई नदी में सीधे ना डालें ऐसी सनातन प्रेमियों से अपील भी की गई।इस अवसर पर कार्यक्रम में समिति संयोजक धनंजय सिंह,सूर्य प्रताप जायसवाल,आयुष जायसवाल, अरविन्द सिंह सेंगर,हरजीव, बुधेश, अनिल, रंजीता बाल्मीकि, पंकज, मनोज, महेश, सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मिथिलेश जायसवाल
ब्यूरो चीफ दि ग्राम टुडे
बहराइच। स्वयं सेवकों ने सरयू नदी की साफ सफाई का अभियान शुरू किया है इसमें नगर क्षेत्र के सैकड़ो युवाओं ने अपना योगदान देकर सरयू नदी को साफ करने का संकल्प लिया है।मां सरयू पुनरोद्धार समिति बहराइच द्वारा नगर के झिंगहा घाट स्थित सरयू तट पर नदी की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में नगर के स्वयं सेवकों व नागरिकों की सहभागिता से नदी की साफ सफाई की गई । हिंदू धर्म में सरयू नदी को मां के रूप में पूजा जाता है लेकिन सरयू नदी में नगर के गंदे नालों को प्रवाहित किया जा रहा है इससे नदी पूरी तरह से प्रदूषित हो गई है। ऐसे में यदि नगर के नागरिक जागरुक ना हुए तो सरयू नदी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा नदी केवल नाम की रह जाएगी और उसमें केवल नाले का पानी ही रह जाएगा। ऐसी स्थिति में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने स्तर से थोड़ा समय देकर मां सरयू की साफ सफाई में अपना योगदान दे।साफ सफाई के तत्पश्चात मातृशक्ति के द्वारा मां सरयू की आरती उतारी गई। जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अजय ने बताया सनातन संस्कृति का प्रतीक मां सरयू की अविरल धारा का प्रवाह पुनः निर्मल एवं आचमन योग्य जल के प्रवाह के साथ हो इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु हम सबको दृढ़ संकल्पित होना पड़ेगा प्लास्टिक, पॉलिथीन, पूजन सामग्री, फूल आदि का विसर्जन सनातन धर्म के अनुयाई नदी में सीधे ना डालें ऐसी सनातन प्रेमियों से अपील भी की गई।इस अवसर पर कार्यक्रम में समिति संयोजक धनंजय सिंह,सूर्य प्रताप जायसवाल,आयुष जायसवाल, अरविन्द सिंह सेंगर,हरजीव, बुधेश, अनिल, रंजीता बाल्मीकि, पंकज, मनोज, महेश, सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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