रावण की कुमति से हुआ उसका सर्वनाश - कनक जी महाराज

 


           श्री अवध डाटकाम 9839627223

सुजानगंज/ जौनपुर :-  रावण की लंका में सुमित और कुमति रखने वाले दोनों प्रकार लोगों का वास था लेकिन विभीषण और अहिरावण की सुमित पर रावण की कुमति भारी पड़ गई जिसका परिणाम हुआ कि रावण का सर्वनाश हो गया। उक्त गांव सुजानगंज क्षेत्र के करौरा गांव में राजेश कुमार सिंह एवं योगेश कुमार सिंह के संयोजकत्व में चल रही मानस कथा में नैमिषारण्य से पधारे कथा व्यास कनक जी महाराज ने कही। कथा को विस्तार से सुनाते हुए कहा कि संसार रूपी सागर में यह शरीर लंका है जहां सुमति और कुमति दोनों वास करती है। सुमति आते समय अच्छी लगती है और कुमति जाते समय अच्छी लगती है। लंका कांड के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने रावण कुंभकरण संवाद पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कुंभकरण ने रावण को जानकी जी को ससम्मान वापस करने की बात कही लेकिन रावण नहीं माना जो विनाश का कारण बना।प्रसंग को आगे बढ़ते हुए उन्होंने लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध की सारगर्भित विवेचना करते हुए कहा कि यह युद्ध लक्ष्मण मेघनाथ के बीच नहीं बल्कि उर्मिला और सुलोचना के मध्य था।उपस्थित मातृ शक्ति को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि आप सबको सावित्री और सत्यवान के जीवन आदर्शो से प्रेरणा लेनी चाहिए। अगर आपने अपने सास ससुर की निष्ठा के साथ सेवा करती हैं और पतिव्रत धर्म का निर्वहन करती हैं तो एक बार यमराज को भी आपके सामने नतमस्तक होना पड़ेगा। कथा के पूर्व मुख्य यजमान योगेश कुमार सिंह एवं क्षेत्र के तमाम लोगों ने माल्यार्पण कर व्यास जी का स्वागत किया। 

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