इंडियन स्पेस अकादमी एवं रघुवीर स्वायत्तशासी महाविद्यालय के बीच हुआ शैक्षिक समझौता

 


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शिक्षण संस्थानों में अंतरिक्ष शिक्षा जरूरी - डा प्रभांशु कुमार

सुजानगंज/ जौनपुर :- क्षेत्र के रघुवीर स्वायत्तशासी महाविद्यालय  थलोई भिखारीपुर जौनपुर में शुक्रवार को स्पेस एजुकेशन इन द न्यू एजुकेशन पॉलिसी को लेकर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ प्रभांशु कुमार (भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह के प्रदेश समन्वयक) तथा डॉ विनय कुमार त्रिपाठी प्राचार्य श्री गौरीशंकर संस्कृत महाविद्यालय द्वारा सरस्वती प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात् उपस्थित छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ प्रभांशु कुमार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान को लेकर बातें बताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारत का लक्ष्य है की आने वाले 40 सालों में हम अंतरिक्ष में पूरी सकुशलता से मानव को बसाए। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में काफी विकास कर रहा है तथा चन्द्रयान-3 की सफलता इसका उदाहरण है, उन्होंने नयी‌ शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए बताया कि नयी शिक्षा नीति 2020 में स्पेस एजुकेशन जल्द ही शामिल किया जाएगा। जिससे स्पेस एजुकेशन भी सभी के लिए पढ़ना सरल हो जाएगा। अंत में उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है की छात्र छात्राओं को तथा जनसामान्य में भी अंतरिक्ष की‌ जानकारी हो तथा छात्र छात्राएं अंतरिक्ष के विषयों को गहनता से अध्ययन करें। इनके पूर्व डाँ अभिषेक मिश्र तथा विद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान रघुवीर स्वायत्तशासी महाविद्यालय सुजानगंज के मध्य एक शैक्षिक समझौता हुआ। जिससे अब रघुवीर स्वायत्तशासी महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को अंतरिक्ष सम्बंधित विषयो को पढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर नागेंद्र यादव ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ जयप्रकाश तिवारी ने की। इस अवसर पर डॉ विनय कुमार त्रिपाठी डॉक्टर शारदा प्रसाद सिंह डॉक्टर सोहनलाल डॉ0 प्रतिभा, डॉ संजू शुक्ला आदि प्राध्यापकों के साथ छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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