माता सीता के आदर्शों के अनुसरण से जीवन सुखमय होगा-श्याम शंकर पाण्डेय 

सुजानगंज /  जौनपुर :-  प्रभु श्री राम जी की लीलाओं के मंचन से हमें सुन्दर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। प्रभु श्री ने पिता की आज्ञा मानकर महलों का त्याग वनवासी जीवन को स्वीकार कर एक आज्ञाकारी पुत्र बनने का सन्देश दिया है वहीं सूपर्णखा के बार बार आग्रह के बाद भी उसके विवाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसलिए हमें रामलीला देख कर यहा से अच्छी सोच एवं महत्वपूर्ण जानकारी लेकर वेहतर परिवार एक आदर्श परिवार की स्थापना करना चाहिए उक्त बातें क्षेत्र के मोहरियांव गांव में श्री आदर्श रामलीला धर्म मण्डल समिति द्वारा संचालित  श्री राम रामलीला मंचन के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि थाना प्रभारी निरीक्षक सुजानगंज फूल चंद्र पाण्डेय ने व्यक्त किया। 

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार दैनिक जागरण (हिंदी दैनिक) ने कहा कि माता जानकी ने पतिव्रता स्त्री धर्म का पालन करते हुए महलों का राज सुख छोड़ कर पति के साथ चौदह वर्ष वनवास चली गई और वह पंचवटी में परिवार की मर्यादा रूपी लक्ष्मण रेखा पार करती है और एक राक्षस के द्वारा उनका अपहरण कर लिया जाता है इस प्रकार श्री राम लीला मंचन सीख लेते हुए माताओं को पतिव्रता धर्म का पालन करते हुए घर की मर्यादा में रहकर सुन्दर अयोध्या रूपी क्षेत्र के निर्माण में सहायक बने।

इसके पूर्व श्री राम लीला मंचन के उद्घाटन समारोह में श्री आदर्श रामलीला धर्म मण्डल समिति मोहरिया द्वारा थाना प्रभारी फूल चंद्र पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार दैनिक जागरण श्याम शंकर पाण्डेय, संपादक दि ग्राम टुडे हिंदी दैनिक बिमलेश पाठक, पत्रकार तरुण मित्र तरुण चौबे, ग्राम प्रधान रियासत अली, समाजसेवी वन्दना पटेल आदि को माल्यार्पण कर श्री राम नाम पट्टिका पहना कर स्वागत किया गया।